अपने विश्वास और लगन से 12वीं की छात्रा ने किया घर में शुरू की सेनेटरी नैपकिन यूनिट की शुरुआत,

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12 वीं की छात्रा के जुनून की कहानी

छात्रा ने अपनी हिम्मत और जज्बे से अपने रोजगार को न सिर्फ एक लाख रुपये महीने तक पहुंचा दिया है बल्कि 11 लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रही है।छात्रा की माता संगीता वर्मा व पिता राजेश वर्मा दोनों ही सेलाकुई स्थित औद्योगिक इकाईयों में काम करके अपने परिवार की आजीविका चलाते थे। प्रिंसी वर्मा के परिवार में उसकी दो बहने व एक भाई हैं। प्रिंसी घर में सबसे बड़ी हैं। कुछ समय पहले तक माता-पिता की सारी मेहनत बच्चों के लालन-पालन व उनकी शिक्षा के लिए होती थी। लेकिन बेटी के प्रयास से उन्हें राहत तो मिली ही है, साथ ही उनकी भी हिम्मत बढ़ी है। छात्रा के पिता का कहना है कि पूरा परिवार बेटी के बड़ा कारोबार खड़ा करने के सपने को साकार करने में जुटा रहता है। उधर प्रिंसी अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार के साथ कौशल विकास केंद्र के प्रशिक्षक विपिन कुमार, दीपा शर्मा, अलका पांडेय को भी देती हैं।

हरबर्टपुर के राजकीय इंटर कॉलेज में कक्षा 12 की छात्रा प्रिंसी वर्मा आम लड़कियों की तरह सेलाकुई स्थित प्रधानमंत्री कौशल विकास केंद्र पर ब्यूटीशियन का कोर्स करने के लिए गई थी। खाली समय में वह उद्यमिता विकास कार्यक्रम की कक्षा में बैठकर स्वरोजगार के बारे में बताई जाने वाली बातों को ध्यान से सुनती रहती थी। यहीं से उसके मन में अपना कारोबार शुरू करने की इच्छा जागी।

कम उम्र होना व परिवार की आर्थिक स्थिति मार्ग में बड़ी बाधाएं थी। लेकिन कहते हैं कि जब व्यक्ति निश्चय करके आगे बढ़ता है तो मुश्किलें भी आसान होने लगती हैं। सरकारी कार्यालयों से जानकारी जुटाकर प्रिंसी ने खादी ग्रामोद्योग से सेनेटरी नैपकिन यूनिट का प्रोजेक्ट पास करा लिया।

हालांकि एक बार बैंक ने उनका ऋण रद्द कर दिया लेकिन छात्रा ने हिम्मत नहीं हारी। उसके जुनून को देखकर परिजन आगे आए। बैंक से दस लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हो जाने से छात्रा ने अपने घर पर ही सेनेटरी नैपकिन बनाने की यूनिट खड़ी कर दी। तीन महीने की मेहनत के बाद यह छात्रा एक लाख रुपये का कारोबार कर रही है साथ ही साथ 11 लोगों को रोजगार भी दे रही है,

 

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