पुष्कर सिंह धामी: शहीद सैनिकों के आश्रितों को सरकारी नौकरियों में वरीयता देगी उत्तराखंड सरकार
मनोज शर्मा
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार ने सैन्य धाम के मुख्य द्वार का नाम उत्तराखंड के वीर सपूत एवं देश के प्रथम रक्षा प्रमुख दिवंगत जनरल बिपिन रावत के नाम पर रखने का निर्णय किया है,
सैन्य परिवारों के कल्याण के प्रति अपनी सरकार को प्रतिबद्ध बताते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार ने शहीद सैनिकों के आश्रितों को सरकारी नौकरियों में वरीयता देने का निर्णय किया है, गांधी पार्क में विजय दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि सैन्य परिवार में पैदा होने के कारण उन्होंने सैन्य परिवारों का संघर्ष एवं दुख-दर्द नजदीक से देखा है, राज्य सरकार द्वारा सैन्य परिवारों के लिए विशेष योजनाएं बनाए जाने का जिक्र करते हुए धामी ने कहा, ‘‘राज्य सरकार ने सैनिकों या उनके आश्रितों को मिलने वाली अनुदान राशि बढ़ाने का फैसला किया है,
इस मौके पर उन्होंने वीरता चक्र श्रृंखला से अलंकृत सैनिकों एवं वीर नारियों के लिए उत्तराखंड परिवहन निगम की सभी बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सैनिक विश्राम गृहों की संख्या बढ़ाने हेतु प्रयासरत है, मुख्यमंत्री ने विजय दिवस को भारतीय सेना के वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम का दिन बताते हुए कहा कि आज ही के दिन 1971 में पाकिस्तान के 93,000 से अधिक सैनिकों ने हमारे वीर बहादुर सैनिकों के समक्ष घुटने टेक दिए थे,
सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि राज्य सरकार ने सैन्य धाम के मुख्य द्वार का नाम उत्तराखंड के वीर सपूत एवं देश के प्रथम रक्षा प्रमुख दिवंगत जनरल बिपिन रावत के नाम पर रखने का निर्णय किया है,
