हाईकोर्ट नैनीताल: औरत होने का फायदा उठाना गलत है
मनोज शर्मा
हाईकोर्ट नैनीताल ने छेड़छाड़ के झूठे मामले में दर्ज एफआईआर को समझौते के आधार पर निरस्त करने के मामले में कड़ा रुख दिखाया है झूठी एफआईआर दर्ज करवाने वाली महिला पर ही एफआईआर दर्ज करने के दिए आदेश,
हाईकोर्ट नैनीताल ने छेड़छाड़ के झूठे मामले में दर्ज एफआईआर को समझौते के आधार पर निरस्त करने के मामले में कड़ा रुख दिखाया है कोर्ट ने झूठी शिकायत देने पर एफआईआर दर्ज करने को कहा गया है,
हाईकोर्ट नैनीताल ने छेड़छाड़ के झूठे मामले में दर्ज एफआईआर को समझौते के आधार पर निरस्त करने के मामले में कड़ा रुख दिखाया है कोर्ट ने झूठी शिकायत देने पर शिकायतकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश सीजेएम उधम सिंह नगर को दिए हैं इसकी रिपोर्ट 2 सप्ताह में कोर्ट में पेश करने को कहा है,
अक्सर देखा गया है की ब्लैकमेल करने के लिए या अपनी बात मनवाने के लिए औरतें झूठा इल्जाम इंसान पर लगा देते हैं और इंसान अपनी इज्जत से बचने के लिए उनकी बात मानने के लिए मजबूर हो जाता है इसका भरपूर फायदा कुछ औरतें उठाती हैं जो कि समाज के लिए यह गंभीर विषय है इसी तरह एक मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकल पीठ में हुई नानकमत्ता निवासी महिला ने देवर के खिलाफ 16 जुलाई 2020 को एफ आई आर दर्ज कराई थी और आरोप लगाया था कि नशे में दोनों ने घर में घुसकर इज्जत लूटने जान से मारने की कोशिश की शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि मेरे साथ दोनों ने जबरदस्ती कर कपड़े फाड़ दिए इस एफआईआर को समझौते के आधार पर निरस्त करने के मामले में दायर कंपाउंडिंग प्रार्थना पत्र पर सुनवाई के दौरान
शिकायतकर्ता की ओर से कहा गया उसने ऐसे ही यह लिखा दिया था, कि वहाँ लड़ाई झगड़ा हुआ था जिस पर कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि एक औरत होने का फायदा इस तरह से उठाना गलत है
