अब जितनी गाड़ी चलेगी उतना ही भरना होगा रोड टैक्स, सार्वजनिक वाहनों में ट्रैकिंग डिवाइस के जरिए होगी निगरानी
मनोज शर्मा
स्टेट कैरिज परमिट वाली बसें और परिवहन निगम अब न्यूनतम किलोमीटर के आधार पर नहीं बल्कि हर महीने जितने किलोमीटर चलेगी उस हिसाब से रोड टैक्स भरना होगा,
उत्तराखंड में स्टेज कैरिज परमिट वाली बसें और परिवहन निगम अब न्यूनतम किलोमीटर के हिसाब से नहीं बल्कि हर महीने जितने किलोमीटर चलेगी उस हिसाब से रोड टैक्स चुकाएंगे इसके लिए परिवहन विभाग वहीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस की मदद लेगा, विभाग का कहना है कि वीएलटीडी से लैस वाहन कितना किलोमीटर चला इसकी सटिक जानकारी मिलेगी जिससे सरकार को भी राजस्व का फायदा होगा अब तक यह काम इस तरह से चल रहा था की स्टेज कैरिज बस संचालकों को प्रतिमा न्यूनतम 15 किलोमीटर चलने पर प्रतिमाह ₹75 प्रति सीट टैक्स देना पड़ता है इससे अधिक चलने पर 4 पैसे प्रति किलोमीटर के हिसाब से टैक्स देना होता है लेकिन अभी तक विभाग के पास किलोमीटर आकलन करने की तकनीक नहीं थी जिस कारण ज्यादातर वाहन स्वामी न्यूनतम 15 किलोमीटर के आधार पर ही टैक्स जमा करा रहे थे
वीएलटीडी नहीं होने पर सस्पेंड होगा परमिट
वीएलटीडी नहीं होने पर सस्पेंड होगा परमिट नए वाहनों में एक अप्रैल 2019 से वीएलटीडी जरूरी कर दिया है साथ ही साथ पुराने वाहनों के लिए भी यह जरूरी है लेकिन अभी तक इसमें कार्यवाही का प्रावधान नहीं है, अब परिवहन विभाग इसे परमिट शर्तों में शामिल करने जा रहा है इसमें यदि डिवाइस खराब या किसी वजह से काम नहीं करती तो वाहन स्वामी को 2 दिन के भीतर ठीक करनी होगी ऐसा नहीं करने पर वाहन का परमिट 1 महीने के लिए सस्पेंड करने का प्रावधान किया गया है शासन से इसकी अनुमति मिल गई है।
