हरिद्वार: नगर निगम कर्मचारी संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने सीएम धामी को दिया ज्ञापन
मनोज शर्मा
आज फिर मा0मुख्यमंत्री जी के हरिद्वार आगमन पर नगर निगम कर्मचारी संयुक्त मोर्चे का एक प्रतिनिधि मण्डल डाम कोठी हरिद्वार मे मिला तथा कर्मचारियों की समस्याओं का एक ज्ञापन दिया,
हरिद्वार: नगर निगम कर्मचारी संयुक्त मोर्चा उत्तराखंड के निकाय कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर हमेशा जागरूक रहा है, इसी को लेकर कई बार निकाय के कर्मचारियों की निम्न समस्याओं का ज्ञापन जिसमें मुख्य रुप से उत्तराखंड बनने से पूर्व के रिक्त पदों को बहाल कर वरिष्ठता क्रम के अनुसार संविदा,आउटसोर्स,मोहल्ला स्वच्छता समिति कर्मचारियों को नियमित करने,पर्यावरण मित्रों का वर्षों से बंद पड़ा सामूहिक बीमा चालू किए जाने, प्रदेश मे निकायों के अन्य विभागों में संविदा पर कार्यरत लिपिक, ड्राइवर, लाइनमैन,हेल्पर, अनुचर आदि कर्मचारियों का नियमितीकरण करने,समूह घ के पदों को मृत केडर से बहाल करने,पर्यावरण पर्यवेक्षकों के पदों को 50% पर्यावरण मित्रों की विभागीय पदोन्नति कर भरे जाने,मलकानी कमेटी की संस्तुति पर समाज कल्याण विभाग द्वारा बनाए गए आवासों एवं निगम की भूमि में वर्षों वर्षों से रहते चले आ रहे सेवारत एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भूमि का मालिकाना अधिकार देने ,उत्तराखंड के अन्य विभागों में संविदा एवं आउट सोर्स पर कार्यरत पर्यावरण मित्रों को भी निकायों के कर्मचारियों की भांति ₹500 प्रतिदिन के हिसाब से वेतन देने,पर्यावरण मित्र की मृत्यु के पश्चात मृतक के परिवार को शैक्षिक योग्यता के अनुसार नियुक्ति दिए जाने,तथा परिवारिक सदस्य के संविदा पर कार्यरत होने के कारण आश्रित सदस्य की नियुक्ति मे हरिद्वार नगर निगम मे उत्पन्न की गई अडचन को दूर कर आश्रित को नियुक्ति दिए जाने एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों के देयो का भुगतान शीघ्र किया जाए आदि समस्याओं के ज्ञापन माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार को अनेकों बार दिए गए,जैसे अभी हाल ही में 17 मई 2023 को कर्मचारी की मांगों का ज्ञापन दिया गया,उसके बाद मोर्चा के नेताओं ने दो बार भल्ला कॉलेज स्थित हेलीपैड पर पहुंचकर निवेदन स्वरूप ज्ञापन पत्र प्रस्तुत किए, तदुपरांत दिनांक 30 जून 2023 को दोबारा श्रीमान जिलाधिकारी महोदय हरिद्वार के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी को शीघ्र वार्ता के लिए दिनांक एवं समय निर्धारित करने के लिए ज्ञापन दिया गया, परंतु आज तक वार्ता हेतु मोर्चा के प्रतिनिधियों को नहीं बुलाया गया,
साथ ही सुरेन्द्र तेजेश्वर व राजेंद्र श्रमिक ने कहा की ऐसा प्रतीत होता है की उत्तराखंड शासन,कर्मचारियों की समस्याओं को लटकाये रखना चाहता है,संयुक्त मोर्चा की पूर्व की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार कांवड़ मेला समाप्ति के बाद सरकार को जगाने के लिए जिलाधिकारी देहरादून के कार्यालय के बाहर एक दिवसीय सांकेतिक धरना देकर ज्ञापन प्रस्तुत किया जाएगा अगर उसके बाद भी कर्मचारियों की समस्याओं का वार्ता कर समाधान नहीं किया गया तो मोर्चा आंदोलन को भी बाध्य हो सकता है।
