शराब के शौकीनों को झटका! अब बढ़ गई कीमत, जानें नई दरें
अशोक गिरी हरिद्वार
उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत देसी शराब के दाम में 5 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। अप्रैल से देसी शराब की 200 एमएल की बोतल पर उपभोक्ताओं को 5 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे। इसके साथ ही, आबकारी विभाग ने डिस्टलरी, थोक कारोबारी और फुटकर विक्रेताओं का मुनाफा बढ़ाने के लिए उनके मार्जिन में भी वृद्धि की है।
सरकार ने फुटकर दुकानों का कोटा 10 प्रतिशत बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे इस उद्योग से जुड़े व्यापारियों को अधिक लाभ मिलेगा और विभाग को अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा। प्रदेश सरकार ने नई नीति के तहत 2025-26 में 60,000 करोड़ रुपये का राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है।
शराब कारोबार में बड़े बदलाव
आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने बताया कि नई नीति में कंपोजिट दुकानें खोलने की अनुमति दी गई है, जहां विदेशी मदिरा, बीयर और वाइन की बिक्री एक साथ की जा सकेगी। यदि कोई कंपोजिट शॉप का लाइसेंसधारक अपनी दुकान को मॉडल शॉप में बदलना चाहता है, तो उसे मदिरा पान शुल्क अदा करना होगा।
इसके अलावा, आयात-निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई रियायतें दी गई हैं। सरकार ने निर्यात पास फीस और फ्रेंचाइजी शुल्क को कम कर दिया है। विदेशी मदिरा के कारोबार को प्रोत्साहित करने के लिए पर्यटकों को डिस्टलरीज और ब्रेवरीज का भ्रमण कराने की योजना भी बनाई गई है।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर जोर
सरकार ने मदिरा के परिवहन पासों के सत्यापन और वापसी की मैनुअल व्यवस्था को खत्म कर ऑनलाइन प्रक्रिया लागू करने का फैसला किया है, जिससे कारोबारियों को सहूलियत मिलेगी और प्रक्रियाएं पारदर्शी होंगी।
इवेंट बार लाइसेंस पर कड़ी सख्ती
नई नीति के तहत, यदि किसी इवेंट स्थल पर अन्य प्रदेशों में बिक्री के लिए अनुमन्य मदिरा का स्टॉक पाया जाता है, तो इवेंट बार लाइसेंसधारक और इवेंट स्थल के प्रबंधक पर 1 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा, प्रदेश में बीयर, वाइन और एलएबी को छोड़कर अन्य प्रकार की मदिरा की बार लाइसेंस के तहत सीलबंद बोतल या कैन की बिक्री अनुमन्य नहीं होगी।
नई आबकारी नीति से राज्य सरकार को अधिक राजस्व मिलने की उम्मीद है, साथ ही शराब व्यवसाय से जुड़े उद्योगों को भी लाभ होगा।
