सीएम पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट ने लिए तीन बड़े फैसले, अब कठोर हुआ धर्मांतरण कानून
मनोज शर्मा
सीएम पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट की मीटिंग में तीन बडे़ फैसले लिए गए है, पहला नैनीताल हाईकोर्ट को शिफ्ट करना, दूसरा धर्मातंरण कानून को और कठोर बनाना, और तीसरा टीएचडीसी और यूजेवीएनएल के जॉइंट वेंचर को स्वीकृति देना है.
उत्तराखंड में वर्ष 2018 में धर्मांतरण कानून लागू हुआ था, लेकिन इसे लचीला कहा जा रहा था. अब तक यह एक जमानती अपराध था. लेकिन उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट मीटिंग में इसे यूपी में लागू धर्मांतरण कानून की तर्ज पर और कठोर बनाने की मंजूरी दे दी गई है, संशोधन के बाद जबरन धर्मातंरण करने पर अब दो से सात साल की सजा हो सकती है, पहले एक से पांच साल की सजा का प्रावधान था, उत्तराखंड धर्मांतरण कानून में संशोधन कर सामूहिक धर्म परिवर्तन पर भी अब अधिकतम दस साल की सजा का प्रावधान कर दिया गया है. अभी तक सामूहिक धर्म परिवर्तन को लेकर कोई गाइडलाइन नहीं थी. धर्मांतरण के मामलों में अब अर्थदंड भी लगाया जाएगा; जो 25 हजार से पचास हजार तक होगा.
कैबिनेट ने अपने दूसरे महत्वपूर्ण फैसले में उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्ववानी शिफ्ट करने को स्वीकृति दे दी है, सूत्रों के अनुसार हाईकोर्ट की ओर से भी इस मामले में अधिवक्ताओं और लोगों से सुझाव मांगे गए थे, जिसमें शिफ्ट करने को लेकर बहुमत मिला था. हाईकोर्ट हल्द्ववानी के गौलापार क्षेत्र में शिफ्ट किया जा सकता है. इसके लिए जमीन भी चिन्हित कर लिया है.
कैबिनेट के तीसरे फैसले मे टीएचडीसी और यूजेवीएन का ज्वाइंट वेंचर बनाने को मंजूरी दे दी गई है. इसमें THDC का 74 और UJVN का 26 फीसदी शेयर होगा. स्टेट को भी रॉयल्टी के रूप में 12 फीसदी बिजली मिलेगी. कूड़ा फेंकने और थूकने पर अर्थदंड पांच सौ से बढा़कर दो हजार रूपए प्रतिदिन किए जाने को भी मंजूरी दे दी गई.
