पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को राहत, सीबीआई जांच को चुनौती देने वाली एसएलपी वापस नहीं लेगी पुष्कर सिंह धामी सरकार
मनोज शर्मा
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश को चुनौती देने वाली एक सेल्फी को सरकार वापस नहीं लेगी इस बाबत कार्यवाही के लिए ट्रेंडिंग काउंसिल को पत्र भेज दिया गया है,
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश को चुनौती देने वाली एसएलपी को सरकार वापस नहीं लेगी, उत्तराखंड शासन के उप सचिव अखिलेश मिश्र ने इसकी पुष्टि की है, पिछले महीने 18 अक्टूबर को उत्तराखंड सरकार ने एसएलपी को वापस लेने को सुप्रीम कोर्ट में अर्जी लगाई थी, 22 नवंबर को मामले में सुनवाई है इससे पहले एसएलपी वापस नहीं लेने संबंधी यह पत्र स्टैंडिंग काउंसिल वंशजा शुक्ला को भेजा गया है,
सरकार के सूत्रों ने कहा है कि इस मामले को प्रभावी ढंग से लड़ा जाएगा अक्टूबर 2020 में हाई कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर झारखंड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पद पर तैनाती को लेकर लगे आरोपों की सीबीआई जांच कराने को कहा था यह आदेश उमेश कुमार बनाम राज्य सरकार मामले में आया था हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफपूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगा दी थी,
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह एकजुट है उन्होंने कहा कि पार्टी पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ है और कांग्रेस को इस मामले में बेवजह राजनीति नहीं करनी चाहिए साथ ही कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए महेंद्र भट्ट ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पार्टी के सम्मानित और वरिष्ठ नेता है, उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले पर बेवजह बयानबाजी कर रही है, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि उनकी जानकारी के अनुसार इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से कोई एसएलपी वापस नहीं ली गई है हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला मुख्यमंत्री और सरकार से संबंधित है इसलिए इस संदर्भ मैं अधिकृत जानकारी सरकार ही दे सकती है,
