सीएम पुष्कर सिंह धामी: मसूरी और नैनीताल पर दबाव कम करने के लिए बसेगे नए शहर

0

मनोज शर्मा

उत्तराखंड में आने वाले पर्यटक का भार नैनीताल और मसूरी तथा श्रद्धालुओं का चार धाम से हटकर दूसरे क्षेत्रों की ओर डायवर्ट हो सके इसके लिए कुछ अन्य क्षेत्रों को विशेष तवज्जो दी जाएगी जिसमें नए नगर बसाने की प्लानिंग हो रही है,

नई पर्यटन नीति में इस बार उत्तराखंड के नए शहरों को पर्यटन के लिहाज से विकसित करने पर फोकस रहेगा पर्यटकों का भार नैनीताल वह मसूरी तथा श्रद्धालुओं का लोड चार धाम से हटकर दूसरे क्षेत्रों की ओर डायवर्ट हो सके इसके लिए कुछ अन्य क्षेत्र को विशेष तवज्जो दी जाएगी, ऐसे क्षेत्रों में ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं दी जाएंगी साथ ही ऐसे क्षेत्रों में पर्यटन सेक्टर में निवेश करने पर निवेशकों को भी विशेष लाभ दिए जाएंगे,

इसके लिए उत्तराखंड की नई पर्यटन नीति के तहत शहरों को तीन कैटेगरी में बांटा जाएगा सीएम पुष्कर सिंह धामी सरकार ने पर्यटन नीति बनाने की जिम्मेदारी इस बार ग्लोबल मैकेजी फर्म को दी है फर्म ने पर्यटन नीति का खाका पर्यटन विभाग को भी सौंप दिया है, अब विभाग पर्यटन नीति को विस्तार देगा प्रदेश की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कई अहम बिंदुओं को भी इसमें शामिल किए जाएगा कोशिश यह रहेगी कि पर्यटन क्षेत्र में निवेशकों को उत्तराखंड में पर्यटन के लिहाज से बड़ी संभावनाओं वाले अंशु क्षेत्र में भी निवेश के लिए आकर्षित किया जाए अभी राज्य में धार्मिक पर्यटन पर आने वाले श्रद्धालुओं का पूरा फोकस चार धाम यात्रा और हरिद्वार पर ही रहता है मानस खंड कॉरिडोर बनाकर इन धार्मिक पर्यटक को कुमाऊं के धार्मिक स्थलों की ओर भी आकर्षित किया जाएगा A कैटेगिरी मैं देहरादून मसूरी नैनीताल समेत उन शहरों को रखा गया है जहां पहले से ही पर्यटन गतिविधियां अत्यधिक हैं और निवेश की सीमित की संभावनाएं हैं इन शहरों में निवेश करने वालों को बहुत अधिक लाभ नहीं मिलेगा b कैटेगिरी में टिहरी, लैंसडौन, मुक्तेश्वर, कौसानी, चकराता समेत ऐसे शहर है जहां पर्यटन विभाग की अत्यधिक संभावना है यहां निवेशकों का लाभ A कैटेगिरी  वाले शहरों से अधिक मिलेगा सी कैटेगरी में बॉर्डर वाले जिले के रूप में उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, चमोली को रखा गया है यह निवेश करने पर सबसे अधिक छूट मिलेगी

उत्तराखंड में अभी पर्यटक सेक्टर में निवेशकों का पूरा फोकस प्रमुख शहरों तक ही सीमित रहता है इस फोकस को ऐसे क्षेत्रों की ओर ले जाया जाएगा जहां पर्यटन की असीम संभावना दिखाई दे रही हैं इसके लिए निवेशकों को सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी नए क्षेत्र में पर्यटन सेक्टर में निवेश होने पर यह क्षेत्र नई शहर के रूप में विकसित होंगे जिससे कारोबारी गतिविधियां बढ़ेंगी और रोजगार के साथ स्वरोजगार की संभावना भी बनेगी

आर.मीनाक्षी सुंदरम सचिव नियोजन 

About Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!