700 किमी दूर लाकर की प्रेमिका की हत्या, हरिद्वार पुलिस की सघन जांच में हुआ बड़ा खुलासा

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उत्तराखंड 10 मई को चण्ड़ी देवी मन्दिर के रोपवे के पास टूटे हुए पैदल रास्ते पर एक अज्ञात महिला का शव बिना कपडों के पड़े होने की सूचना पर श्यामपुर पुलिस मौके पर पहुँची। वन विभाग द्वारा पैदल यात्रा के लिए वर्जित उक्त रास्ते पर करीब 10 मीटर अन्दर घनी झाडियों के मध्य एक महिला का शव पडा हुआ मिला। फोरेंसिक टीम और पुलिस उच्चाधिकारियों ने मौका मुआयना कर घटनास्थल व आसपास मौजूद साक्ष्य (दो कुँडल, एक टूटा हुआ मंगलसूत्र, एक सफेद रंग का गमछा व महिला के गले से एक ब्लाउज जो कि गले को कस कर बांधा हुआ था, बरामद किया।
एसएसपी नवनीत सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद थाना श्यामपुर में टीम का गठन कर टेक्निकल सपोर्ट की जिम्मेदारी सीआईयू हरिद्वार को देते हुए पूरे प्रकरण के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी एसपी क्राइम निशा यादव को सौंपी। विभिन्न प्रकार के टेक्निकल माध्यम से डीसीआरबी , एससीआरबी व एनसीआरबी को प्रेषित किया गया लेकिन शुरुआती 72 घण्टे तक पहचान न हो पाने पर शव का दाह संस्कार कर चौकी चण्डीघाट प्रभारी उ0नि0 सन्तोष सेमवाल की ओर से थाना श्यामपपुर पर अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत किया गया। मृतका के हाथ पर कौशल्या लिखा था इसलिए पुलिस द्वारा विभिन्न पोर्टल्स पर कौशल्या नाम की महिला की गुमशुदगी के बारे में जानकारी प्राप्त की गयी तो उपरोक्त माध्यमों से सन 2019से अब तक कुल 164 कौशल्या नामक महिलाओं की गुमशुदगी की जानकारी प्राप्त हुयी। कुल 3540 कौशल्या नाम की महिलाएं/युवतियां निर्वाचन कार्यालयों में रजिस्टर्ड थी।
विश्लेषण के दौरान 8 मई की सीमित फुटेज में रात के वक्त 03 संदिग्ध व्यक्ति व एक महिला को चण्डी देवी मन्दिर की तरफ जाते देखा गया। लौटते वक्त संदिग्ध के साथ महिला मौजूद नही थी। रुट चार्ट, संदिग्ध नम्बरों का बारिकी से निरीक्षण करने पर टीम के हाथ बड़ी सफलता लगी जब बांदा उत्तर प्रदेश के तीन संदिग्ध क्रमशः राकेश, रामप्रकाश उर्फ गोविन्दा और छेदीलाल के नाम प्रकाश में आये। जुटाए गए सबूतों/बयानों के आधार पर स्पष्ट हुआ कि तीनों संदिग्ध ने आपराधिक षडयंत्र रचकर मृतका कौशिल्या पत्नी पप्पू निवासी बांदा उत्तर प्रदेश की गला घोट कर हत्या की है। तीनों को पुलिस हिरासत में लिया गया। पूछताछ में जानकारी मिली कि हत्यारोपी रामप्रकाश की मृतका कौशल्या से प्रेम संबंध थे। पहले से शादीशुदा होने के बाद भी मृतका द्वारा रामप्रकाश पर शादी करने के लिए दबाव बनाया गया। इस दबाव से तंग आकर रामप्रकाश ने अपने भाई राकेश और सगे जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर कौशल्या को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। हत्या को अंजाम देने के लिए चंडी देवी दर्शन के बहाने हत्यारोपियों ने जानबूझकर घर से इतनी दूर हरिद्वार को इसलिए चुना ताकी मृतका की पहचान ही न हो पाए लेकिन हरिद्वार पुलिस ने अपनी मेहनत और विशेषज्ञता का नमूना पेश करते हुए उनकी योजना विफल कर तीनों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया। पकड़े गए हत्यारोपी
राकेश पुत्र राजा निवासी ग्राम ग्योडीबाबा थाना कोतवाली नगर बांदा जनपद बांदा,

रामप्रकाश उर्फ गोविन्दा पुत्र राजा निवासी ग्राम ग्योडीबाबा थाना कोतवाली नगर बांदा,

छेदीलाल पुत्र ईशूरी प्रसाद निवासी ग्राम काहला गंछा थाना कोतवाली नगर बांदा जिला बांदा का चालान कर जेल भेज दिया गया है।

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