दिल्ली देहरादून एक्सप्रेसवे पर ट्रैक्टर ,टू व्हीलर ,थ्री व्हीलर वाहनों पर आवाजाही के लिए सख्त मनाही

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Ashok Giri

उत्तराखंड ,,,दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर नया अपडेट सामने आया है. इस इकोनॉमिक कॉरिडोर पर बाइक, ऑटो और ट्रैक्टर की एंट्री पूरी तरह से बैन है. यहां सिर्फ भारी और मध्यम वाहन ही चल पाएंगे. इतना ही नहीं स्पीड लिमिट भी तय की गई है।

उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा लंबी दूरी तय करने वाले दिल्ली-देहरादून इकॉनोमिक कॉरिडोर पर बाइक, ऑटो और ट्रैक्टर की एंट्री बैन है. इससे बागपत वालों को बड़ा झटका लगा है. पहले खेकड़ा-अक्षरधाम एलिवेटिड हाईवे पर ठीक ऐसे ही दूपहिया, तिपहिया और ट्रैक्टर को नो एंट्री का आदेश दिया गया था।

क्यों लिया गया ये फैसला ?
इस मामले में एनएचएआई के अधिकारियों का कहना है कि यह कॉरिडोर आधुनिक रूप से बना है. ऐसे में धीमी गति के वाहन दौड़ने पर दुर्घटना का खतरा रहेगा। जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है. जबकि, कार, बस, ट्रक जैसे वाहनों के लिए स्पीड लिमिट तय कर दी गई है।

बाइक-ऑटो-ट्रैक्टर पर प्रतिबंध
हाल में एनएचएआई ने दिल्ली-देहरादून इकॉनोमिक कॉरिडोर के खेकड़ा के मवीकलां से अक्षरधाम तक बने एलिवेटिड हाईवे पर दुपहियां वाहनों के साथ ऑटो, ट्रैक्टर चलाने पर प्रतिबंध लगा दिया था. यह फैसला राष्ट्रीय राजमार्ग (भूमि और यातायात) अधिनियम 2002 की धारा 35 के तहत लिया गया था।

वाहन चालकों को बड़ा झटका
अब वाहन चालकों को एनएचएआई ने दूसरा बड़ा झटका दे दिया है. अब मवीकलां से देहरादून तक बाइक, थ्री व्हीलर्स और ट्रैक्टरों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है. अधिकारियों का कहना है कि अगर प्रतिबंधित वाहन हाईवे पर दौड़ते मिले, तो उनके चालान काटे जाएंगे। इतना ही नहीं पुलिस वाहनों को सीज भी कर सकती है।

गाड़ियों के लिए स्पीड लिमिट तय
दिल्ली-देहरादून इकॉनोमिक कॉरिडोर पर दौड़ने वाली गाड़ियों के लिए स्पीड लिमिट तय कर दी गई है. अधिकारियों की मानें तो दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर कार की स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा और ट्रकों की स्पीड 80 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है. अगर इस स्पीड से अधिक रफ्तार से गाड़ियां दौड़ती मिलीं, तो उनके चालान व्हीकल स्पीड डिटेक्शन सिस्टम से कट जाएंगे।

कैमरों के जरिए कटेगा चालान
अधिकारियों ने बताया कि अगर किसी ड्राइवर ने सीट बेल्ट नहीं लगाई या नाबालिग वाहन चलाते मिला, तो उसका चालान भी कैमरों के जरिए कट जाएगा। इसके लिए कॉरिडोर पर एएनपीआर कैमरे लगे हैं. रडार बेस्ड वीएस डीएस सिस्टम भी लगाए गए हैं. ये सिस्टम कैमरों के ऊपर लगे हैं।

इमरजेंसी के लिए रडार
अगर कोई प्लेन या हेलीकॉप्टर उनके ऊपर से गुजरेगा, तो पायलेट को कॉरिडोर की जानकारी मिल जाएगी. इमरजेंसी के लिए ये रडार लगाए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि कॉरिडोर पर बागपत के क्षेत्रांगत 27 पीटी जेड, बीएसडीएस 24, 24 बीडीओ इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम और 4 बीएमएस कैमरे व सिस्टम लगाए गए हैं।

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