क्या सबूतों को मिटाने के लिए पुलकित आर्य के रिजॉर्ट पर हुआ था बुलडोजर एक्शन, विधायक की भूमिका पर भी उठे सवाल
मनोज शर्मा
नैनीताल हाईकोर्ट पहुंचे अंकिता भंडारी के माता-पिता ने उत्तराखंड सरकार और एसआईटी पर गंभीर आरोप लगाए। रिजॉर्ट के पास की फैक्ट्री में पुलिस और पीएसी की मौजूदगी में सबूत मिटाने के लिए आग पर भी सवाल उठाए।
नैनीताल हाईकोर्ट पहुंचे अंकिता भंडारी के माता-पिता ने उत्तराखंड सरकार और एसआईटी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्य आरोपी पुलकित आर्य के वनंतरा रिजॉर्ट के पास की फैक्ट्री में पुलिस और पीएसी की मौजूदगी आग सबूत मिटाने के लिए लगाई गई। एक विधायक की भूमिका भी सवाल उठाए गए।
ये घटना 25 अक्तूबर को आरोपी पुलकित आर्य की पत्नी के रिजॉर्ट पहुंचने के बाद हुई है। इसके बाद आग लगना सबूत मिटाने की साजिश की ओर इशारा कर रहा है। अंकिता के पिता बीरेंद्र भंडारी ने कहा कि आखिर वर्जित क्षेत्र में आरोपियों से जुड़े व्यक्ति को जाने की इजाजत कैसे मिल गई, इतनी पुलिस-पीएसी तैनात होने के बावजूद आग कैसे फैल गई,
उन्होंने कहा कि डेढ़ महीने से जांच चल रही है पर अब तक उन्हें इस बारे में कुछ नहीं बताया गया है। इससे साफ तौर पर ऐसा लग रहा है कि एसआईटी राज्य सरकार के दबाव में काम कर रही है। जितने भी नेता उनसे मिलने आए और जो भी वादे किए वह पूरे नहीं हुए। उनकी बेटी को न्याय नहीं दिलाया जा रहा है। केवल आरोपियों को बचाने की कोशिश में सारे साक्ष्य मिटाए जा रहे हैं।
विधायक की भूमिका की जांच हो
अंकिता भंडारी के पिता बीरेंद्र भंडारी ने आरोप लगाते हुए कहा कि अंकिता का रूम बुलडोजर के जरिए तोड़ा गया। उसमें एक विधायक की भूमिका सामने आई थी। पर उन्होंने यह किसके कहने पर और क्यों करवाया इस बात की जांच अब तक नहीं हुई। इसकी जांच होनी चाहिए। आखिर अंकिता का कमरा क्यों तोड़ा गया, यह सब किसके आदेश पर हुआ, सरकार ने इसकी जांच की बात कही थी पर अब तक इस मामले में कोई ठोस बात सामने नहीं आई है। डीएम और एसएसपी का तबादला करना भी मामले में चल रही जांच को लेकर सवाल उठते हैं।
याचिकाकर्ता नेगी बोले परेशान कर रही सरकार
याचिकाकर्ता आशुतोष नेगी ने कहा कि उन पर केस न लड़ने के लिए तरह-तरह के दबाव बनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्राउड फंडिंग के जरिए केस लड़ने के लिए 49 हजार रुपये एकत्रित किए गए थे। पर इसके लिए उन्हें प्रशासन के जरिए परेशान किया जा रहा है। नेगी ने कहा कि पौड़ी नगर पालिका ने उनके खिलाफ एक लाख रुपये की आरसी काट दी है। जिससे कि वह इस केस से पीछे हट जाएं। आशुतोष नेगी ने कहा कि चाहे कुछ हो जाए वह केस से पीछे नहीं हटेंगे,
