हिमाचल चुनाव परिणाम से उत्तराखंड में टेंशन! पुरानी पेंशन स्कीम पर शुरू हुआ मंथन
मनोज शर्मा
हिमाचल प्रदेश पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे ने कुछ हद तक कांग्रेस की पूर्ण बहुमत की सरकार बनवाने में मदद की है, हिमाचल प्रदेश के चुनाव परिणाम ने उत्तराखंड के कर्मचारियों के हौसले बुलंद कर दिए हैं. प्रदेश के 95 हजार सरकारी कर्मचारी अब पुरानी पेंशन के लिए आंदोलन की चेतावनी दे रहे है,
वर्ष 2005 के बाद सरकारी नौकरी पर लगे कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाली को लेकर आर पार के मुड मे दिखायी दे रहे है, हिमाचल प्रदेश के चुनाव ने इसको ओर हवा दे दी है, इस मांग पर जल्द संग्राम शुरू हो सकता है. इसकी बड़ी वजह है हिमाचल प्रदेश चुनाव का रिजल्ट. हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने पुरानी पेंशन बहाल करने का मुद्दा उठाया था, और पहली कैबिनेट में फैसले पर इस पर मुहर लग सकती है,
हिमाचल प्रदेश को देखते हुए अब उत्तराखंड के 95 हजार सरकारी कर्मचारी भी आंदोलन के मूड में हैं. कर्मचारियों का कहना है कि 2022 विधानसभा चुनाव में किसी पार्टी ने इसे मुद्दा नहीं बनाया, और अब इसी मुद्दे को कांग्रेस उठा रही है.पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के प्रदेश अध्यक्ष जीत मणि पैन्यूली को बीजेपी से 2024 लोकसभा चुनाव से पहले फैसले की उम्मीद है.
पुरानी पेंशन पर कोई भी फैसला राज्य सरकार को लेना होता है. फैसला क्या होगा, कहा नहीं जा सकता, मगर कांग्रेस उत्तराखंड में भी पुरानी पेंशन को मुद्दा बनाने का मूड बना चुकी है, इसके पीछे बड़ी वजह हिमाचल प्रदेश मैं कांग्रेस की पूर्ण बहुमत सरकार बनना है , जहां इस मुद्दे ने कांग्रेस की जीत में बड़ी भूमिका निभाई है, पुर्व मे राजस्थान सरकार ने एक जनवरी 2004 के बाद से नियुक्त सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ देने का फैसला लिया है।
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