हर की पैड़ी पर आजकल भिक्षा मांगने वालों की तादाद बढ़कर कई गुना ज्यादा हो गई इसी बीच भीख मांग रहे घर से भाग कर आए दो बच्चे जो भीख मांग रहे थे काफी टाइम से को एएचटीयू की टीम ने रेस्क्यू किया
हिमांशु गिरी हरिद्वार
हरिद्वार 2 मार्च को पुलिस ने ऑपरेशन मुक्ति भिक्षा नहीं Shiksha दे अभियान के तहत घर से भाग कर हर की पैड़ी पर भिक्षा मांग कर जीवन बसर कर रहे दो मासूम बच्चों को पकड़ा और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट टीम के प्रभारी निरीक्षक राकेश kathait ने बताया कि एएचटीयू की नोडल अधिकारी सुश्री निहारिका सेमवाल पर्यवेक्षक मैं काम कर रही टीम के ने विभिन्न कारणों से भिक्षा वृत्ति में लिप्त बालक बालिकाओं को भिक्षाटन से हटाकर उनके बचपन का भविष्य बचाने का कार्य कर उज्जवल बनाने के लिए उन्हें शिक्षा के मार्ग पर लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों में कार्यरत टीम घर से भागकर हर की पेडी आए 12 वर्षीय प्रिंस पुत्र लाल बहादुर निवासी गाजीपुर थाना मधुबन मऊ उत्तर प्रदेश व 16 वर्षीय अजीत पुत्र स्वर्गीय विनोद दास निवासी ग्राम कलियां पुर थाना कल्याणपुर चौक बिहार को भिक्षा मांगते हुए पकड़ा दोनों बालक घर पर मन ना लगने के कारण भागकर हरिद्वार आ गए थे और भीख मांग कर उससे मिलने वाले पैसों से छोटा-मोटा नशा कर भंडारों में खाना खाकर अपना गुजारा कर रहे थे बच्चों का चिकित्सा प्रशिक्षण व कोविड की जांच के उपरांत बाल कल्याण समिति रोशनाबाद के निर्देश पर बाल गृह रोशनाबाद में दाखिल कराया गया इन बच्चों के परिजनों के संबंध में सोशल मीडिया समाचार पत्रों वह अन्य madhyam से जानकारी दी जा रही है ताकि बच्चों को उनके परिवार वालों को सपुर्द किया जा सके बच्चों को बरामद करने वाली टीम में प्रभारी राकेश टिकैत आरक्षी जितेंद्र व आरक्षी चालक दीपक चंद्र आदि शामिल रहे ऐसे केस हर की पैड़ी पर सैकड़ों की तादाद में मिलते हैं ना जाने यह लोग किस अवस्था में यहां पर पड़े हैं और भीख मांग कर अपना पेट भर के यापन कर रहे हैं इनकी समय पर जांच होनी बहुत जरूरी है ना जाने कौन किस प्रकार का व्यक्ति या क्रिमिनल इस भेष में छुप कर बैठा हो समय-समय पर जांच होने बहुत जरूरी है
