पाॅड कार योजना को लेकर संतों की ओर से बड़ा बयान सामने आया है। लेकिन शहर में कोई नुकसान व्यापार या व्यापारी का नहीं होना चाहिए क्योंकि यह शहर सैकड़ों साल पुराना बसा हुआ है सैकड़ों साल से यहां से अखाड़ों की पेशवाई और सारे मेले यहीं से निकलते हैं यहां की आस्था को छेड़ना सही नहीं है
अशोक गिरी हरिद्वार,,,
पाॅड कार योजना को लेकर संतों की ओर से बड़ा बयान सामने आया है।बयान को योजना के समर्थन में माना जा रहा है। अखाड़ा परिषद एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष रविंद्रपुरी महाराज ने कहा है कि कुंभ मेले में महाशिवरात्रि स्नान के लिए अखाड़ों की पेशवाई शिवमूर्ति से अपर रोड़ होते हुए हरकी पैड़ी पर शाही स्नान के लिए जाती है। अखाड़ों के शाही जुलूस में हाथी, घोड़े, रथ, अखाड़ों की 50-50 फीट ऊंची धर्म पताकाएं और लाखों की संख्या में नागा सन्यासी और श्रद्धाजु शामिल होते हैं। अखाड़ों के शाही स्नान के लिए जाने वाले मार्ग पर पाॅड कार अखाड़ों को कोई परेशानी ना हो इसका ध्यान रखा जाना चाहिए।
महंत रविंद्रपुरी ने कहा है कि अखाड़े और संत समाज विकास के विरोधी नहीं है। बल्कि सरकार द्वारा संचालित की जा रही विकास योजनाओं का समर्थन करते हैं। लेकिन योजनाओं को धरातल पर उतारने से पूर्व सभी पहलुओं का ध्यान रखा जाना चाहिए। ज्ञात रहे की नये जिलाधिकारी धीराजसिंह गबर्याल ने स्टेक होल्डर्स की शिकायत पर योजना अधिकारियों को पहले संतों से अनापत्ति व अन्य संगठनों, संस्थाओं से सहमति लेने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद योजना के समर्थन में अखाड़ा परिषद की ओर से यह बड़ा बयान सामने आया है। हालांकि मेट्रो अधिकारी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि योजना से पेशवाईयां अथवा जुलूस शोभायात्राओं में कोई रुकावट नहीं आएगी।
