तनाव के बाद उत्तरकाशी से मुस्लिम समुदाय का पलायन जारी, बीजेपी नेता को भी शहर से पड़ा भागना
मनोज शर्मा
उत्तरकाशी मैं सांप्रदायिक तनाव लगातार बढ़ रहा है पुरोला में नाबालिग हिंदू लड़की के अपहरण की कोशिश के आरोप में एक मुस्लिम सहित दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद माहौल बिगड़ गया है,
उत्तरकाशी मैं सांप्रदायिक तनाव लगातार बढ़ रहा है पुरोला में नाबालिग हिंदू लड़की के अपहरण की कोशिश के आरोप में एक मुस्लिम सहित दो लोगों की गिरफ्तारी के बाद माहौल बिगड़ गया है, हालात ऐसे बन गए हैं कि पिछले 3 दिनों में कई मुस्लिम अपनी दुकानों को खाली करके जा चुके हैं, शहर छोड़ने वालों में बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला अध्यक्ष भी शामिल है, बीजेपी नेता मोहम्मद जाहिद यहां लगभग 25 सालों से रह रहे थे उनकी अपनी कपड़े की दुकान थी जिसको उन्होंने खाली कर दिया और परिवार के साथ बुधवार रात पुरोला से चले गए, इसी कारोबार से जुड़े एक और दुकानदार 3 दिन पहले चले गए थे इन दोनों के अलावा भी बहुत से लोगों ने 29 मई के बाद पलायन किया है, जाहिद 3 साल पहले भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुए थे और वह बेहद सक्रिय रहे हैं, 3 फरवरी 2023 को उन्हें उत्तरकाशी का जिला अध्यक्ष बनाया गया था,
टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक जाहिद की जानकारी एक दुकानदार ने दी और कहा की जिला अध्यक्ष बनाए जाने से पहले वह कई पदों पर रह चुके हैं, बीजेपी के अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष इंतजार हुसैन ने कहा कि उत्तरकाशी के जिलाध्यक्ष में मुझे एक सप्ताह पहले फोन किया था मैंने उन्हें पार्टी वर्किंग कमेटी की बैठक में आकर वरिष्ठओं के साथ चर्चा करने को कहा था लेकिन स्वास्थ्य समस्या की वजह से वह नहीं आ पाए उन्होंने कहा कि “सरकार उत्तराखंड में भाईचारा कायम रखने को प्रतिबद्ध है”, पिछले महीने से ही करीब 30 दुकाने मुस्लिम समुदाय की बंद है मुस्लिम दुकानदारो को जगह छोड़ने या परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने की धमकी के बाद ऐसा हुआ है, दुकानों पर कथित तौर पर दक्षिणपंथी संगठनों ने उपरोक्त धमकी भरे पोस्ट लगाए थे,
स्थानीय प्रशासन ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर सभी पक्षों को बैठाकर बात कराई मीटिंग में मौजूद बरकोट के सर्किल ऑफिसर सुरेंद्र भंडारी ने कहा हम शांतिपूर्ण समाधान निकालने की कोशिश कर रहे हैं पुलिस ने अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिया इसलिए वह अपनी दुकानें खोल सकते हैं, अब ऐसे में देखना यह है कि मुस्लिम समुदाय का विश्वास पुलिस प्रशासन पर कितना है, कुछ चंद लोगों की वजह से ही इस तरह का माहौल पैदा होता है, जब हमने इस बाबत पूर्व विधायक पुरोला भारतीय जनता पार्टी राजकुमार से जानकारी लेनी चाहि तो उनके दोनों फोन बंद आ रहे हैं ।
