मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक संपन्न हुई।

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उत्तराखंड देहरादून 30 अप्रैल, 2026: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रदेश के विकास और व्यवस्थाओं से जुड़े 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। शिक्षा, परिवहन, वन और बुनियादी ढांचे को लेकर सरकार ने कई दूरगामी निर्णय लिए हैं।

कुंभ मेला 2026: निर्माण कार्यों के लिए वित्तीय शक्तियों का विकेंद्रीकरण
आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को गति देने के लिए कैबिनेट ने निर्माण कार्यों की स्वीकृति के लिए वित्तीय सीमा तय कर दी है:

1 करोड़ रुपये तक के कार्य: मेलाधिकारी स्तर से स्वीकृत होंगे।
1 से 5 करोड़ रुपये तक के कार्य: गढ़वाल कमिश्नर के स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।
5 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य: शासन स्तर से अनुमति लेनी होगी।
मदरसा शिक्षा: जिलाधिकारियों के अधीन होगी मान्यता
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अंतर्गत 452 मदरसों को लेकर ऐतिहासिक फैसला लिया गया है। अब कक्षा 1 से 8 तक के मदरसों को जिला स्तर पर जिलाधिकारी (DM) से मान्यता लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए सरकार जल्द ही अध्यादेश लाएगी। साथ ही, रामनगर बोर्ड के अधीन 52 मदरसों को मान्यता दी जाएगी, जिससे लगभग 50 हजार मुस्लिम छात्रों को लाभ मिलेगा।

परिवहन और उद्योग: बेड़े में शामिल होंगी नई बसें
250 नई बसें: परिवहन विभाग को 250 बसों की खरीद की अनुमति दी गई है।
जीएसटी का लाभ: पूर्व में 100 बसों की खरीद प्रस्तावित थी, लेकिन जीएसटी दरों में कमी के कारण अब उतने ही बजट में 109 बसें खरीदी जा सकेंगी।
वर्दी निर्धारण: परिवहन पर्यवेक्षक और सिपाहियों के लिए नई वर्दी का निर्धारण किया गया है।
कमीशन में वृद्धि: उद्योग विभाग में कमीशन को 7 रुपये प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है।
वन विभाग और रोजगार: आयु सीमा में बदलाव
वन विभाग में भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत दी गई है:

वन दरोगा: न्यूनतम आयु सीमा अब 21 से 35 वर्ष होगी।
वन आरक्षी (Forest Guard): आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है।
मौन पालन: वन क्षेत्रों की सीमा पर मौन (मधुमक्खी) पालन को बढ़ावा देने के लिए नई नीति को कैबिनेट ने सहमति दी है।
अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
शिक्षा: संस्कृत शिक्षा विभाग की सेवा नियमावली को मंजूरी मिलने से शिक्षकों की पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त हो गया है।
पीडब्ल्यूडी: ‘बी’ श्रेणी के ठेकेदारों की कार्य सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दी गई है। साथ ही, विभाग में 6 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है।
वित्त विभाग: आबकारी नीति के तहत वैट (VAT) की 6 प्रतिशत दरों को अब राज्य कर विभाग ने भी अपना लिया (Adopt) है।
कार्मिक विभाग: एकल संवर्ग के सुचारू संचालन के लिए नई SOP बनाई जाएगी।
यह कैबिनेट बैठक राज्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

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