कमाल का सफेद बुरांश,जहरीले फूल का पारंपरिक औषधि के रूप में किया जाता है प्रयोग

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मनोज शर्मा 

सफेद बुरांश 9 हजार से लेकर 10 हजार फीट तक की ऊंचाई पर अल्पाइन जोन में पाया जाता है. पूरे हिमालय क्षेत्र में बुरांश की कुल 80 प्रजातियां पाई जाती हैं, जिनमें से उत्तराखंड में पांच तरह के बुरांश पाए जाते है. इसकी पत्तियां, फूल और शाखाओं को पीसकर बनाएं गए लेप का इस्तेमाल जोड़ों के दर्द, गठिया,बाई सिर दर्द मे किया जाता है

बसंत ऋतु आते ही देवभूमि उत्तराखंड की पहाड़ियां रंग बिरंगे बुरांश के फूलों से खिल उठती है. यह फूल न सिर्फ लोगों का मन को भाते हैं, बल्कि लोगों को स्वस्थ रखने का काम भी करते है. उत्तराखंड का राज्य वृक्ष कहा जाने वाला बुरांश का पेड़ राज्य प्राकृतिक सुंदरता को और ज्यादा निखारता है. लेकिन क्या आपको पता है उत्तराखंड में एक नहीं बल्कि पांच प्रकार के बुरांश के फूल पाए जाते है. जितने खूबसूरत यह फूल है, उतना ही ज्यादा ये औषधीय गुणों से भी भरपूर होते हैं .

इनमें से ही एक है सफेद बुरांश, जिसका पारंपरिक औषधि के रूप में तो प्रयोग किया ही जाता है, साथ ही यह पेड़ पर्यावरण की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है. क्योंकि इस पेड़ के अंदर एक अद्भुत क्षमता होती है. यह मिट्टी को बांधने में सक्षम होती है और भू-कटाव को रोकती है.

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